Hindi Questions For CTET/KVS/HTET Exam :7th December 2018(Solutions)

हिंदी भाषा CTET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERS ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।
Q1. ‘लाश’ शब्द किस मूल भाषा का है?
(a) अरबी
(b) फारसी
(c) तुर्की
(d) संस्कृत
Q2. ‘अंधी पीसे, कुत्ता खाय’ लोकोक्ति का अर्थ है-
(a) हानि ही हानि होना
(b) अयोग्य शासक के कारण कुप्रशासन
(c) लाभ कम, हानि ज्यादा
(d) मालिक से दुश्मनी करना
Q3. ‘नश्वर’ शब्द का विलोम है-
(a) नित्य
(b) स्थायी
(c) शाश्वत
(d) अमर
Q4. निम्नलिखित में से ‘कामदेव’ शब्द का पर्यायवाची शब्द कौन-सा नहीं है ?
(a) रतिनाथ
(b) कामपाल
(c) कामग
(d) अनंग
Q5. ‘निस्सहाय’ में प्रयुक्त उपसर्ग है-
(a) निः
(b) नि
(c) निस्म
(d) इनमें से कोई नहीं
Q6. निम्नलिखित में बहुब्रीहि समास किसमें है?
(a) माता-पिता
(b) त्रिलोकी
(c) जलचर
(d) लंबोदर
Q7. ‘टाट उलटना’ मुहावरे का अर्थ है-
(a) टाट की बोरी खाली करना
(b) काम-काज समेटना
(c) दिवाला निकलना
(d) भद्दी चीज हटाना
Q8. निम्नलिखित में से तत्सम शब्द कौन-सा है?
(a) शक्कर
(b) सप्तशती
(c) होली
(d) मोती
Q9. निम्नलिखित में से वह कौन-सा शब्द है जिसका अर्थ अनुरूप, उपयुक्त तथा उचित तीनों ही हैं?
(a) पूर्ण
(b) पर्याप्त
(c) बेतुका
(d) समुचित
Q10. ‘‘दान की बछिया के दाँत नहीं देखे जाते’’ इस कहावत का अर्थ है-
(a) दान की वस्तु में दोष नहीं ढूँढ़ने।
(b) बछिया के मुँह में झाँकना सुरक्षित नहीं है।
(c) भेंट की वस्तु को शालीनता से स्वीकार कर लेना चाहिए बिना उसके मूल्य के छानबीन के।
(d) बछिया के मुँह में झाँककर उसकी आयु का निर्णय नहीं किया जा सकता।
उत्तरतालिका
S1. Ans.(c)
Sol. व्याख्या-.‘लाश’ शब्द तुर्की मूल भाषा का है। हिंदी भाषा में प्रचलित तुर्की भाषा के अन्य शब्द हैं- कालीन, कुली, चेचक, तोप, बेगम, बहादुर आदि। अरबी भाषा के शब्द हैं- अमीर, गरीब, औरत, इनाम, दुनिया, दिमाग आदि। फारसी भाषा के शब्द हैं- दिल, दवा, बीमार, मुफ्त, जिंदगी, चिराग आदि।
S2. Ans.(b)
Sol. व्याख्या- अंधी पीसे, कुत्ता खाय’ लोकोक्ति का अर्थ ‘अयोग्य शासक के कारण कुप्रशासन/सीधे-सीधे की कमाई धूर्त लोग खाते हैं’ होता है।
S3. Ans.(c)
Sol. व्याख्या- ‘नश्वर’ का विलोम ‘शाश्वत’ होता है। नित्य का विलोम ‘अनित्य’ तथा स्थायी का ‘अस्थायी’ होता है जबकि ‘अमर’, ‘मत्र्य’ का विलोम है।
S4. Ans.(b)
Sol. व्याख्या- रतिनाथ, कामग तथा अनंग, ‘कामदेव’ के पर्यायवाची हैं, जबकि कामपाल का अर्थ ‘कामनाओं का पालन करने वाला’ होता है।
S5. Ans.(a)
Sol. ‘निस्सहाय’ में निः उपसर्ग का प्रयोग किया गया है, निः का अर्थ ‘बिना’ होता है।
S6. Ans.(d)
Sol. व्याख्या- लंबोदर’ का विग्रह लंबा है उदर जिसका अर्थात् गणेश। यह बहुब्रीहि समास है। इस समास में दोनों प्रयुक्त पदों के अलावा किसी तीसरे पद की प्रधानता होती है। ‘माता-पिता’ में द्वंद्व तथा ‘त्रिलोकी’ में द्विगु समास है। प्रकार ‘जलचर’ तत्पुरूष समास है।
S7. Ans.(c)
Sol. व्याख्या- ‘टाट उलटना’ मुहावरे का अर्थ दिवाला निकालना होता है।
S8. Ans.(b)
Sol. व्याख्या- ‘सप्तशती’ तत्सम शब्द है इसका तद्भव ‘सतसई’ है। ‘शक्कर’ ‘होली’ तथा ‘मोती’ तद्भव शब्द हैं इनका तत्सम क्रमशः ‘शर्करा’, ‘होलिका’ तथा ‘मौक्तिक’ होता है।
S9. Ans.(d)
Sol. व्याख्या- समुचित (Appropriate) शब्द का अर्थ अनुरूप, उपयुक्त तथा उचित तीनों ही है।
S10. Ans.(c)
Sol. व्याख्या- ‘‘दान की बछिया के दाँत नहीं देखे जाते’’ इस कहावत का सर्वोत्तम अर्थ है- भेंट की वस्तु को शालीनता से स्वीकार कर लेना चाहिए बिना मूल्य के छानबीन के । 
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