Hindi Pedagogy Quiz for CTET 2020: 15th February 2020

Hindi Important Questions

Hindi Pedagogy Quiz for CTET 2020: 15th February 2020

Q1. द्वितीय भाषा शिक्षण की तुलनात्मक विधि है
(a) व्यतिरेकी विधि
(b) सिद्धांत प्रणाली
(c) व्यास प्रणाली
(d) तुलना विधि

Q2. मौन वाचन का प्रकार है –
(a) द्रुत वाचन
(b) समवेत वाचन
(c) अनुकरण
(d)इनमे से कोई नहीं

Q3. किसका संबंध बोलने के कौशल के विकास से नहीं है?
(a) सस्वर वाचन
(b) शुद्ध उच्चारण
(c) कविता पाठ
(d) प्रतिलिपि

Q4. भाषा कौशलों में सबसे पहले किस कौशल का विकास करना चाहिए?
(a) वाचन
(b) लेखन
(c) श्रवण
(d) उच्चारण

Q5. कौन कथन संगत नहीं है?
(a) पाठ्यपुस्तक विद्यार्थी और शिक्षक दोनों के लिए आधारभूत है
(b) पाठ्यपुस्तक कक्षा शिक्षण का प्रमुख साधन है
(c) पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साधन है साध्य नहीं
(d) पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साध्य है, साधन नहीं

Q6. भाषा शिक्षण में दृश्य-श्रव्य साधनों के प्रयोग का मुख्य प्रयोजन है
(a) विद्यार्थियों की विभिन्न इन्द्रियों को क्रियाशील बनाना
(b) शिक्षण में विविधता लाना
(c) रोचकता का संचार करना
(d) मनोरंजन करना

Q7. अर्थग्रहण के कौशल के विकास के लिए अधिक उपयोगी है
(a) समाचार वाचन
(b) व्याकरण शिक्षा
(c) मौन वाचन
(d) सस्वर वाचन

Q8. वर्तमान परीक्षा प्रणाली में दोष है
(a) इसमें सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अध्ययन की आवश्यकता नहीं रहती है
(b) यह विद्यार्थी द्वारा अर्जित योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं करती है
(c) इसमें अंकन की कोई सुनिश्चित मापदण्ड नहीं है
(d) इनमें से सभी

Q9. हिन्दी शिक्षण में उपलब्धि की जांच की जा सकती
(a) निबंधात्मक प्रश्नों से
(b) बुद्धि परीक्षण से
(c) प्रोजेक्टिव परीक्षण से
(d) उपलब्धि परीक्षण से

Q10. उपलब्धि परीक्षण के सम्बन्ध में कौन कथन उपयुक्त नहीं है?
(a) निबंधात्मक प्रश्नों के मूल्यांकन में वस्तुपरकता का अभाव रहता है
(b) मौखिक परीक्षा में पक्षपात की आशंका रहती है
(c) क्रियात्मक परीक्षाओं में शाब्दिक ज्ञान का महत्व नहीं होता है
(d) वस्तुनिष्ठ परीक्षा से मौलिकता का विकास होता है

Solutions

S1. Ans.(a)
Sol. द्वितीय भाषा शिक्षण की तुलनात्मक विधि ‘व्यतिरेकी विधि’ है। व्यतिरेकी विधि भाषा-शिक्षण का व्यवहारिक तरीका है जो किसी भाषा-युग्म के समानताओं एवं अन्तरों का वर्णन करके भाषा को सुगम बनाने पर जोर देती है। इसीलिए इसे कभी-कभी अन्तरात्मक विधि भी कहा जाता है।

S2. Ans.(d)
Sol.

S3. Ans.(d)
Sol. प्रतिलिपि का संबंध बोलने के कौशल विकास से नहीं है। इसका सम्बन्ध लेखन कौशल के विकास से है। जबकि शुद्ध उच्चारण, सस्वर वाचन एवं कविता पाठ सभी का सम्बन्ध बोलने के कौशल के विकास से है।

S4. Ans.(c)
Sol. भाषा कौशलों में सबसे पहले ‘श्रवण’ कौशल का विकास करना चाहिए। इस तथ्य को ऐसे समझा जा सकता है कि नवजात शिशु सर्वप्रथम सुनता है तब उसका अनुकरण करके छोटी-छोटी ध्वनियाँ उच्चारित करता है। भाषाई कौशल के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित क्रम प्राप्त होता है श्रवण -उच्चारण – पठन – लेखन

S5. Ans.(d)
Sol. पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साध्य है, साधन नहीं।’ यह कथन संगत नही हैं। क्योंकि पाठ्यपुस्तक शिक्षण का साधन (सहायक सामग्री) होती है न कि साध्य (उद्देश्य)। यही कथन असंगत है जबकि शेष सभी संगत कथन हैं।

S6. Ans.(a)
Sol. भाषा शिक्षण में दृश्य-श्रव्य साधनों के प्रयोग का मुख्य प्रयोजन विद्यार्थियों की विभिन्न इंद्रियों को क्रियाशील बनाना है। क्योंकि जिस अधिगम में जितनी अधिक इंद्रियाँ (ज्ञानेन्द्रियाँ) भाग लेती है वह अधिगम उतना ही अधिक प्रभावशाली होता है।

S7. Ans.(c)
Sol. अर्थग्रहण के कौशल के विकास के लिए ‘मौन वाचन’ अधिक उपयोगी होगा। व्याकरण शिक्षा से भाषागत शुद्धता का विकास होता है। सस्वर वाचन से उच्चारण की शुद्धता का विकास होता है।

S8. Ans.(d)
Sol. वर्तमान परीक्षा प्रणाली विद्यार्थी द्वारा अर्जित योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं करती, इसमें सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अध्ययन की आवश्यकता नहीं रहती तथा इसमें अंकन का कोई सुनिश्चित मापदण्ड नहीं है।

S9. Ans.(d)
Sol. हिन्दी शिक्षण में उपलब्धि की जाँच उपलब्धि परीक्षण से की जाती है।

S10. Ans.(d)
Sol. ‘वस्तुनिष्ठ परीक्षा से मौलिकता का विकास होता है।’ यह कथन उपयुक्त नहीं है। क्योंकि वस्तुनिष्ठ परीक्षा का उद्देश्य ज्ञानात्मक परीक्षण करना होता है। शेष सभी उपयुक्त कथन है।

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