केंद्रीय बजट 2020: क्या है हलवा समारोह

Union Budget 2020: What Is Halwa Ceremony

“केंद्रीय बजट” पेश करने से पहले “हलवा समारोह” की एक परंपरा है. भारत के केंद्रीय मंत्री हर साल केंद्रीय बजट से संबंधित दस्तावेजों के औपचारिक मुद्रांकन के शुभारंभ के लिए प्रतीकात्मक ‘हलवा’ समारोह का आयोजन करते हैं.

हलवा समारोह एक ऐसा समारोह है, जिसे सरकार द्वारा संसद में वित्तीय बजट पेश करने से कुछ दिन पहले प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है. इस समारोह में, एक बड़ी-सी कढ़ाई में ‘हलवा’ बनाया जाता है और मंत्रालय में सभी कर्मचारियों को परोसा जाता है.

हलवा समारोह के बाद, सभी सदस्य जो बजट बनाने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं, 10 दिनों के लिए नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में चले जाते हैं. वित्त मंत्री द्वारा संसद में बजट पेश करने के बाद ही वह सामने आते हैं. वार्षिक बजट पेश होने से पहले किसी भी सूचना के लीक होने से बचने के लिए ऐसा किया जाता है. इस क्वारंटीन अवधि के दौरान उन्हें कार्यालय के बाहर किसी के भी सीधे संपर्क में आने की अनुमति नहीं होती है. यहां तक कि वित्त मंत्री को भी प्रिंटिंग क्षेत्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है. उन्हें किसी भी प्रकार के संचार माध्यम जैसे फोन, मेसेज, ईमेल आदि के जरिए अपने प्रियजनों से संपर्क करने की अनुमति भी नहीं होती है. इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) सीसीटीवी कैमरे, नेटवर्क जैमर और सभी आवश्यक सुरक्षा साधनों के साथ 360-डिग्री निगरानी करती है ताकि क्वारंटीन अवधि के दौरान कोई भी सूचना लीक न हो सके.

1950 तक, बजट के दस्तावेज राष्ट्रपति भवन के अंदर छपते थे, लेकिन उस साल बजट पेश होने से पहले कागजात लीक होने के कारण दस्तावेज़ की छपाई का काम मिंटो रोड पर स्थानांतरित कर दिया गया. 1980 से दस्तावेजों की छपाई नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में की जा रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2020 को वार्षिक बजट पेश करेंगी.